5 Essential Elements For spiritual upay

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कई बार लोगों को रात को सोते वक्त अपने आस-पास किसी की उपस्थिति का एहसास होता है.

सोने का एक समय तय करें: अपने सोने और उठने का समय तय करें ताकि शरीर को नियमित नींद मिले।

एक्सपोज़र थेरेपी: यदि बुरे सपने किसी दर्दनाक अनुभव से उत्पन्न होते हैं, तो ट्रिगर करने वाली यादों के प्रति धीरे-धीरे खुद को असंवेदनशील बनाने के लिए एक्सपोज़र थेरेपी लेने की सलाह दी जाती है।

डरावने सपने रात के दूसरे पहर यानी सुबह होने से कुछ घंटे पहले आते हैं. ये सपने बहुत वास्तविक लगते हैं और अक्सर किसी खतरे, पीछा करने, चोट लगने या अन्य डरावनी कंडीशंस से जुड़े होते हैं. ऐसे सपनों से नींद टूटने पर दिल की धड़कन तेज हो सकती है, पसीना आ सकता है और व्यक्ति तुरंत डर या बेचैनी महसूस करता है. खास बात यह है कि जागने के बाद भी सपना साफ तरीके से याद रहता है और उसके कारण दोबारा नींद नहीं आती है.

रात को ध्यान या मेडिटेशन करके सोने से बुरे सपने नहीं आते हैं 

इसके पीछे कई मानसिक और शारीरिक कारण होते हैं, साथ ही मेडिकल वजह भी शामिल होती है. आपने ये शब्द सुना होगा लेकिन कभी इसके बारे में गंभीर रूप से चिंतन नहीं किया होगा. आखिर ये क्या बीमारी है, कारण और लक्षण क्या हैं, कैसे इसका इलाज संभव है 

जीवन में समस्याओं को हल करने में मदद मिलती है

लेकिन यदि आप एक परेशान करने वाले विचार के साथ बिस्तर पर जाते हैं, तो आपको लगेगा की डरावने सपने क्यों आते हैं लेकिन इसके विपरीत आप किसी समाधान के साथ जाग सकते हैं या कम से कम स्थिति के बारे में बेहतर महसूस कर सकते हैं। इसलिए हमे पूरी रात सपने क्यों आते हैं, ये उसका एक सुखद परिणाम भी है।

अगर आपको लगता है कि आपका बढ़ता हुआ तनाव आपके सपनों के साथ भी खिलवाड़ कर रहा है तो इसे कंट्रोल करने की कोशिश करें। इसके लिए अपनी सुबह की शुरुआत कसरत या मॉर्निंग वॉक से करें, दिन के समय आराम करने के लिए छोटे-छोटे read more ब्रेक लें। 

The show has centered on marriage relationships, spouse and children dysfunction, and the concept of Females's empowerment. The demonstrate's plot has long been relatable, and its viewership has long been steadily increasing.

इंसानी दिमाग पर हुए स्टडीज में इस समस्या को लेकर कई बाते सामने आई हैं, जो बुरे व डरावने सपनों का कारण बनती हैं.

दरअसल, साइंस भी अभी तक इस राज को नहीं सुलझा सकी है कि ऐसा होता क्यों है?

कई बार दिन भर नेगेटिव विचार या फिर कई व्यर्थ बातें सोचने की वजह से रात को ऐसा होता है,

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